कुल्लू। जिले के अटल सदन में दूध के दामों का मामला गूंजा। दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने सवाल उठाए कि प्रदेश सरकार ने घोषणा पत्र में दूध के दामों में बढ़ोतरी के दावे किए थे। वर्तमान में बेहतर गुणवत्ता वाले दूध के महज 22 से 23 रुपये प्रति लीटर दाम दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों और सभाओं को कम दाम मिलने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले दूध के मौके पर पशुपालक या सभा को कम से कम 30 रुपये मूल्य मिलना चाहिए। हथकरघा उत्पादों से जुड़ी सभाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि कुल्लवी शाॅल की जियो टैगिंग की गई है।
इसके बावजूद जिले के पर्यटन स्थलों पर कुल्लवी शाॅल के नाम पर दूसरे उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो सरासर गलत है। उत्पादों को बेचने के लिए मनाही न हो, लेकिन कुल्लवी शाॅल का नाम उनसे न जोड़ा जाए। इसके अलावा अन्य सभाओं के मुद्दों पर भी सवाल उठे और सहकारी सभाओं को भूमि लेने के लिए धारा 18 के तहत मंजूरी लेने के मामले को निरस्त करने की मांग भी सरकार से की गई।
अटल सदन में शनिवार को अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के 70वें जिला स्तरीय सहकारी समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर मुख्यातिथि रहे। जिला निरीक्षक सहकारी सभा राजेश जसवाल ने कहा कि जिले में आज 624 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। सहकारी समितियों में कुल सदस्यता 48,433 है।
उधर, सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान के परिपेक्ष्य में जिले में सहकारिता आंदोलन को और बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस आंदोलन से जोड़कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने बैंकों को भी निर्देश दिए कि सहकारी सभाओं को उदारता से ऋण उपलब्ध करवाएं। इस दौरान सहायक पंजीयक डीसी वर्मा, सहकारिता से जुड़े दिनेश, कृष्ण आदि उपस्थित रहे। संवाद