दुर्गम गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया 55 ग्रामीणों का उपचार
दवाइयां दीं, 12 विद्यार्थियों और पांच गर्भवतियों को लगााए जीवन रक्षक टीके
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत शिविर लगाकर किया उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भारी बारिश से बर्बाद सड़कों और टूटे पुलों के बीच मलाणा गांव आज भी शेष दुनिया से कटा है। जब राहें बंद हो जाएं, तब सेवा का जज्बा ही रास्ता बनाता है।
इसी बुलंद हौसले के साथ स्वास्थ्य खंड जरी की चिकित्सकीय टीम ने पैदल पहाड़ चढ़कर न केवल 55 ग्रामीणों का उपचार किया, बल्कि 12 स्कूली विद्यार्थियों और पांच गर्भवती महिलाओं को जीवन रक्षक टीके भी लगाए। यह सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि उन लोगों तक उम्मीद पहुंचाने का मिशन था जिनके पास अब तक सिर्फ इंतजार था।
भारी बारिश के कारण सड़क और पुल धंसने से यातायात ठप है। ग्रामीणों के लिए उपचार में परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य खंड जरी की चिकित्सकीय टीम गांव में पहुंची। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे गांव में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत शिविर लगाया गया। करीब 11:00 बजे तक ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बारी-बारी ग्रामीणों ने चिकित्सकों से उपचार करवाया। बीमारियों के लक्षण दिखने पर दवाएं वितरित की गईं।
दोपहर 2:00 बजे राजकीय प्राथमिक और उच्च विद्यालय मलाणा में विद्यार्थियों का आवश्यक टीकाकरण किया गया। प्राथमिक विद्यालय में पहली से पांचवीं और उच्च विद्यालय में दसवीं के विद्यार्थियों को टीके लगाए गए।
छोटी कक्षाओं के दो विद्यार्थियों को डीपीटी और दसवीं के दस विद्यार्थियों को टीडी का टीका लगाया। स्वास्थ्य शिक्षक राजकुमार ने कहा कि मलाणा गांव में लोगों का स्वास्थ्य न बिगड़े, इसके लिए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर में 55 ग्रामीणों का उपचार किया। 12 विद्यार्थियों और पांच गर्भवती महिलाओं को आवश्यक रोग प्रतिरोधक टीके लगाए गए। ग्रामीणों की काउंसलिंग कर बीमारियों के लक्षणों को पहचानने और उनके उपचार की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के उपचार पर विशेष फोकस रहा। इस दौरान एएमओ डॉ. प्रताप, एएमओ डॉ. स्वाति, पर्यवेक्षक सिची अंग्मो, काउंसलर मनीष, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कांता, फार्मासिस्ट भावना, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन, आशा कार्यकर्ता निरमा और फूला आदि ने सेवाएं दीं।
मलाणा गांव का यातायात संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। ग्रामीणों को मौके पर उपचार सुविधा दी जा रही है। चिकित्सकीय टीम ने 55 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। उन्हें आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। 12 विद्यार्थियों और पांच गर्भवती महिलाओं को डीपीटी, टीडी और आवश्यक टीके लगाए गए। पहले भी गांव में शिविर लगाकर 185 ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा गया है।
- डाॅ. सपना शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, जरी