उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। देशभर में जनजातीय जिले की ग्राम पंचायत शांशा को सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण एवं सुरक्षित पंचायत श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है। पंचायत को इनाम के स्वरूप एक करोड़ का बजट मिला है।
तीन जून को भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 समारोह आयोजित किया। इसमें शांशा पंचायत को पहला स्थान मिला है। राष्ट्रीय मंच पर लाहौल का नाम रोशन करके लौटे ग्राम पंचायत शांशा के प्रधान प्रशांत कुमार का शनिवार को अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर भव्य स्वागत हुआ। दिल्ली से सम्मान लेकर लौटे प्रधान को शांशा के युवाओं ने खतक और फूलमालाओं से भर दिया।
ग्राम पंचायत शांशा के प्रधान प्रशांत कुमार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निदेशक राघव शर्मा के साथ पुरस्कार लिया। प्रधान ने कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं, पूरी शांशा पंचायत का है। हिमाचल के लिए गर्व की बात है कि राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 में दो पंचायतें सम्मानित हुईं। शांशा के अलावा मंडी जिले की ग्राम पंचायत लोहारड़ी को स्वच्छ एवं हरित पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला। इसके लिए पंचायत को 25 लाख रुपये का इनाम मिला।