मनाली। मलाणा में नए देव रथ के निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लाहौल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन, माता हिडिंबा और अठारह नाग अब अपने गृह क्षेत्र लाहौल की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। वीरवार देर शाम राजा घेपन नए रथ में विराजमान होकर मनाली पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। मनाली के अलेउ में देव यात्रा का रात्रि विश्राम रखा गया। यहां राजा घेपन, माता हिडिंबा और अठारह नाग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से देवी-देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर अलेउ में स्थानीय लाहौली समुदाय की ओर से देवभोज का आयोजन भी किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शनिवार को देवता बौद्ध गोंपा मनाली में विराजेंगे, जबकि रविवार को ढूंगरी में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद राजा घेपन अपनी यात्रा जारी रखते हुए कुलंग होते हुए लाहौल के लिए रवाना होंगे। करीब नौ वर्षों के बाद राजा घेपन की यह ऐतिहासिक यात्रा और नए रथ में उनकी वापसी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का विशेष अवसर बनी हुई है।