पांगी घाटी के श्योर के समीप किलाड़ सड़क की बहाली में जुटे सीमा सड़क संगठन के कामगार।-संवाद
कुल्लू। जिला कुल्लू और लाहौल के ऊंचे इलाकों में हुई 90 से 150 सेंटीमीटर तक बर्फबारी से अब हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। खासकर अटल टनल रोहतांग के दोनों छोरों के साथ लाहौल घाटी और जलोड़ी दर्रा में यह खतरा ज्यादा है।
धूप खिलने से बर्फ टूटकर नीचे गिर जाती है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। यह खतरा आने वाले दिनों तक जारी रहेगा। कुल्लू जिले के साथ लाहौल के कई ऐसे अति संवेदनशील इलाके हैं जहां हिमस्खलन जानमाल के लिए खतरा हो सकता है।
मनाली से नेहरुकुंड, पलचान से लेकर अटल टनल रोहतांग के साथ पोर्टल तथा लाहौल के सिस्सू, गोंधला, उदयपुर तिंदी, तांदी के साथ दारचा की तरफ भी पहाड़ी से हिमस्खलन होने की आशंका है। इसके अलावा बंजार की तरफ से सोझा से लेकर जलोड़ी दर्रा तथा खनाग से लेकर जलोड़ी दर्रा तक हिमस्खलन के कई प्वाइंट हैं।
इन जगहों पर बर्फबारी में भी लोगों की आवाजाही रहती है। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने जिलावासियों से बर्फीले और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने का आग्रह किया है। सैलानियों को भी सोलंगनाला और जलोड़ी दर्रे की तरफ रुख न करने की सलाह दी है। संवाद