अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा के आसपास बढ़ी हिमस्खलन की आशंका
सैलानियों को हिमस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों का रुख न करने की हिदायत
मनाली के पांच गांव अंधेरे में, कुल्लू जिले में दो हाईवे समेत 14 सड़कें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पिछले सप्ताह दो दिन तक हुई ताजा बर्फबारी के बाद कुल्लू और लाहौल घाटी के लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। दोनों जिलों में अभी भी दो हाईवे के साथ करीब 150 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। लोगों को कड़ाके की ठंड और दुश्वारियों के बीच पैदल गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
अटल टनल रोहतांग के साथ जलोड़ी और लाहौल में हिमस्खलन की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन ने भी सैलानियों को हिमस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों का रुख न करने की हिदायत दी है।
उधर, बाह्य सराज को जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर रोज लोग बर्फ के बीच 10 से 15 किमी पैदल सफर करने पर विवश हैं। सोमवार को करीब 40 लोगों ने शीतलहर के बीच पैदल दर्रा को आर-पार किया। बर्फबारी के चार दिन से मनाली के करीब पांच से छह गांवों में अंधेरा पसरा है। बर्फ गिरने से बिजली के खंभों और तारों को नुकसान होने से बिजली गुल है। हालांकि, बिजली बोर्ड के कर्मचारी बिजली बहाल करने में जुटे हैं। मनाली में दो, कुल्लू में एक, बंजार में पांच और बाह्य सराज में चार सड़कों पर यातायात एक सप्ताह से बंद है। लोक निर्माण विभाग मनाली ने आठ सड़कों को खोल दिया है। उधर, जनजातीय क्षेत्र लाहौल में भी 130 अधिक सड़कों पर बर्फ की चादर बिछी है और सभी तरह के वाहनों की आवाजाही ठप है। सहायक आयुक्त कुल्लू शशिपाल नेगी ने कहा कि मौसम खुल गया है। लोगों का जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों में अभी भी बर्फ है। ऐसे में पर्यटक मौसम को भांप कर ही आवाजाही करें।