कुल्लू। जिले में घनी आबादी वाले गांवों में जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाएगा। अग्निकांड की घटना से तुरंत निपटने की कवायद शुरू की गई है। उपमंडल स्तर पर पायलट आधार पर 10 गांवों का चयन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
ये गांव सड़क से दूर और घनी आबादी वाले होंगे। साथ ही गांवों में काष्ठकुणी शैली से मकानों का निर्माण किया गया हो। यह बात शनिवार को उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने जिला आपदा प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जिले के के विभिन्न क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर अग्निकांड संभावित स्थानों की पहचान एवं मैपिंग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जूआरे योजना के अंतर्गत जिला आपदा प्राधिकरण की ओर से नुकसान एवं संसाधन के संबंध में मैपिंग की गई थी। उसी के आधार पर आगे के लिए दोबारा पंचायतों को अग्निकांड से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने, वन विभाग, जल शक्ति तथा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को जिले के सभी जलाशयों को कैच द रेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए।
कहा कि जिले में अग्निशमन के नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सड़क से जुड़े घनी आबादी वाले शहर और गांवों की पहचान कर वहां पर फायर हाइड्रेंट भी स्थापित किए जाएंगे। इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकेक आदि उपस्थित रहे। संवाद