जिला कुल्लू की रघुपुर घाटी के गांव पकरेड़ में बर्फ से लकदक सेब का बगीचा। संवाद
दिसंबर-जनवरी में नाममात्र की हुई है बारिश, पहाड़ों पर भी कम गिरी बर्फ
सूखे जैसे हालात के बीच जिले में पेयजल स्रोतों पर भी पड़ने लगा था असर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इस बार सर्दियों में हुई कम बारिश और बर्फबारी ने जल शक्ति विभाग की गर्मियों के दौरान आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से पेयजल स्रोत रिचार्ज होंगे। बारिश और बर्फबारी से कुछ राहत मिलेगी।
गौर रहे कि दिसंबर-जनवरी के महीने में नाममात्र ही बारिश हुई थी। पहाड़ों पर बर्फ भी कम गिरी। सूखे जैसे हालात बनने से पेयजल स्रोतों पर इसका असर दिखने लगा था। जिला मुख्यालय में कुल्लू के कुछ हिस्से को पेयजल आपूर्ति करने वाले स्रोत खलाड़ानाला में पेयजल की कमी हो गई थी। वीरवार से रोटेशन पर पेयजल उपलब्ध करवाने का विभाग ने शेड्यूल बनाया है। खराहल क्षेत्र में भी कुछ इसी तरह की समस्या आ रही थी। हालांकि, यहां ब्यास नदी से उठाऊ पेयजल योजना ने काफी राहत दी है। बुधवार देर रात से मैदानी क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों बर्फबारी हो रही है। इससे पेयजल स्रोत एक बार फिर रिचार्ज होंगे।
ख्याली राम, दिनेश और नंद लाल शर्मा ने कहा कि सर्दियों के दौरान खुलकर बारिश और बर्फबारी होती है तो गर्मियों में पेयजल की उपलब्धतता रहेगी। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता अंकित बिष्ट ने कहा कि खलाड़ानाला के स्रोत में पानी कम होने से पेयजल आपूर्ति की सप्लाई का शेड्यूल बनाया गया है। बारिश और बर्फबारी से पेयजल स्रोतों को संजीवनी मिलेगी।