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Kullu News: इंतजार ने मिट्टी में मिला दी पेड़ पर लटकी मेहनत

Thu, 25 Sep 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

कुल्लू की तीर्थन घाटी में नगलाड़ी-शरची सड़क डेढ़ माह से बंद है, जिससे 30 हजार से अधिक सेब पेटियां फंसी हुई हैं। सड़क बंद होने से बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है और राहत कार्य धीमी गति से चल रहे हैं।
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कुल्लू जिला में आपदा से सड़के क्षतिग्रस्त होने से बागवानो के सेब पेड़ से गिरने के कारण नुकसान ह
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विस्तार
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तीर्थन घाटी की नगलाड़ी-शरची सड़क बंद होने से सेब की 30 हजार से ज्यादा पेटियां फंसीं
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डेढ़ महीने से बंद है सड़क, बागवान बोले- बगीचों में ही गिर गई है सेबी की आधी फसल
बोले- कई जगह सीजन खत्म और घाटी में डंप है सेब, सड़क की बहाली पर टिकी आस
प्रीतम शर्मा

गुशैणी (कुल्लू)। सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं होतीं, यह उम्मीदों की रेखाएं होती हैं। जब ये रेखाएं टूट जाएं तो बागवानों के सपने भी मलबे में दब जाते हैं। कुल्लू की तीर्थन घाटी में नगलाड़ी-शरची सड़क बीते डेढ़ माह से बंद है।
इससे हजारों बागवानों की सालभर की मेहनत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पहाड़ों में 30,000 से अधिक सेब की पेटियां फंसी हैं। आधा सेब बगीचों में गिर चुका है। जो बचा है, उसे भी मंडी तक पहुंचाने की आस सड़क की बहाली पर टिकी है। शरची पंचायत के शरची, जमाला, शलवाड़, डुघागाड़, बाड़ीगाड़ में बागवानों की हजारों पेटियां फंसी हैं।
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नगलाड़ी-शरची सड़क पर जगह-जगह पर भूस्खलन हुआ है। विभाग ने बंदल से शरची तक सड़क बहाल करने के लिए एक जेसीबी लगाई है। सड़क को जिस तरह नुकसान हुआ है, उससे इसकी बहाली में समय लगेगा। शरची से बशेहरी तक सड़क पर टैक्सियों समेत निजी वाहन फंसे हैं। ग्रामीण तिलक राज, कमलेश कुमार, चमन लाल और गिरधारी लाल ने कहा कि जिले के कई क्षेत्रों में सेब का सीजन 70 फीसदी तक खुत्म हो चुका है। शरची के ऊपरी क्षेत्रों में सेब बगीचों में डंप है।

प्रति क्रेट 100 रुपये किराया देकर गुशैणी पहुंचाया सेब
शरची के कुछ गांवों के बागवानों ने 100 प्रति क्रेट का किराया देकर सेब गुशैणी पहुंचाया। यहां से सब्जी मंडी लाया गया। इन गांवों के बागवानों के पास कोई विकल्प नहीं है। 17 किलोमीटर लंबी सड़क पर सेब को पीठ पर ले जाना और स्पेन से पहुंचाना मुश्किल है। ग्रामीणों की आय का मुख्य साधन सेब ही है।

आपदा ने बागवानों की कमर तोड़ दी है। आधा सेब बगीचों में गिर गया है। जो बचा है, इसकी उम्मीद भी कम है। राहत और पुनर्वास कार्य जिस गति से होने चाहिए थे, वे नहीं हुए हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा है। - संजय शर्मा, बंजार

सड़क बहाल न होने से विद्यार्थी पैदल गुशैणी जा रहे हैं। बंद सड़क से वाहन नहीं चल रहे हैं। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद ही विद्यार्थी अपने घरों तक पहुंच पाते हैं। सड़क बहाली के कार्य में तेजी लाई जाए। -मूल चंद शर्मा, बंजार
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शरची सड़क को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं। एक और एलएनटी सड़क की बहाली में लगाई जाएगी। बहाली का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। - चमन ठाकुर, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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