अब फिर बना चुनावी मुद्दा, पानी की समस्या भी उठाई
चंद माह ही मिली थी एचआरटीसी बस की सुविधा
महेंद्र पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। घाटी में सैंज से शैंशर के लिए वर्षों से निगम की बस सेवा शुरू करने के लिए एक परमिट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण शैंशर और देहुरीधार पंचायत के लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, चार वर्ष पहले इस रूट पर बस सेवा शुरू की लेकिन विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद बस सेवा बंद कर दी गई। क्षेत्र के लोगों को निगम की ओर से तर्क दिया गया कि अभी इस बस को चलाने के लिए परमिट जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते बस सेवा बंद की गई है। जैसे ही परमिट मिलता है तो बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। लोगों का कहना है कि अब चार साल का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक निगम इस रूट पर बस चलाने के लिए परमिट नहीं ले पाया है। क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी प्रबंधन और प्रशासन पर इतना दबाव नहीं बना पाए हैं कि परमिट जारी किया जाए। ऐसे में यह मसला अब चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। इसमें क्षेत्र में पंचायतों से लेकर जिला परिषद चुनाव के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों को भी परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निगम की बस न चलने से निजी बसों में काफी भीड़ रहती है जो हादसे को न्योता दे रही है। क्षेत्र के लोगों ने अब सरकार से मांग की है कि जल्द इस रूट पर निगम की बस सेवा शुरू की जाए। लोगों का कहना है कि क्षेत्र वासियों की एक ही समस्या नहीं है बल्कि इसके साथ पीने के पानी के साथ सिंचाई के पानी की भी किल्लत है।
लोगों की समस्याएं नेताओं को सिर्फ चुनाव के समय याद आती हैं। आम दिनों में नेताओं को लोगों के हितों की पैरवी कर प्रशासन और सरकार से तालमेल बनाना चाहिए ताकि क्षेत्र की समस्याएं दूर हो सके।
विजय ठाकुर, तुंग
जन प्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासन और सरकार से बेहतर तालमेल बनाना चाहिए। इससे लोगों की समस्याओं को दूर करने में आसानी होती है और लोगों की दिक्कत को समय पर दूर किया जा सकता है।
जीत ठाकुर, तुंग