बंजार (कुल्लू)। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय बंजार की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तीन ने अभिनव एवं जनकल्याणकारी पहल चलाई है। वीरवार को 100 दिन पूरे हुए।
परियोजना सारथी (सोंगी), परियोजना मार्गदर्शक (अनमोल) एवं परियोजना धण (संवेदना) से स्वयंसेवी निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना जिला कुल्लू और लाहौल-स्पिति के नोडल अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार ने कहा कि 17 जनवरी 2026 से प्रारंभ इन पहलों ने निस्वार्थ सेवा, असीम सद्भावना एवं सामाजिक सौहार्द के मूल मंत्र को धरातल पर साकार करते हुए समाज के विभिन्न आयामों में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है।
परियोजना धण (संवेदना) लावारिस पशुधन के संरक्षण की मिसाल है। कहा कि 100 दिनों में स्वयं सेवियों ने मरीजों के उपचार, यातायात प्रबंधन और लावारिस पशुओं की देखभाल की है। संवाद