कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल की गैलरी में उपचार करवाते मरीज।-संवाद
कुल्लू। भारी बारिश और ठंड बढ़ने से लोग वायरल और जलजनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की मेडिसिन व जनरल महिला एवं पुरुष ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ट्रॉमा सेंटर में स्थित आपातकालीन ओपीडी में भी वायरल और पेट दर्द से संबंधित मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। वहीं, मेडिसिन वार्ड के सभी बिस्तर मरीजों से भरे पड़े हैं। अब भर्ती मरीजों का उपचार वार्ड की गैलरी में चल रहा है। मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण नलों और प्राकृतिक स्रोतों से मटमैला पानी आ रहा है। इससे जलजनित रोगों का खतरा बढ़ने लगा है। लोग उल्टी, दस्त, हेपेटाइटिस-ए और वायरल की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने बरसात में जलजनित रोगों से बचाव के लिए तैयारियां कर ली हैं। रोगों से बचाव के लिए अस्पतालों से लेकर हर एक स्वास्थ्य केंद्र तक ओआरएस के पैकेट, क्लोरीन और जिंक की गोलियां भेजी हैं। जिंक की गोलियां, खासकर बच्चों में दस्त की अवधि और मात्रा को कम करने में मदद करती हैं। क्लोरीन की गोलियां पानी को शुद्ध करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तारा चंद ने कहा कि मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है। मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। बारिश के कारण वायरल के मरीज बढ़ रहे हैं।
जलजनित रोगों के लक्षण दिखने पर मरीज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाने के लिए जाएं। जितना संभव हो पानी को उबालकर पिएं। सड़कें खराब होने की स्थिति में अस्पताल आने की जल्दबाजी न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाए।
ये है जल जनित रोगों के लक्षण
मटमैला जल प्रयोग करने पर हैजा, टायफाइड बुखार, हेपेटाइटिस ए, गियार्डियासिस, पेचिश, डायरिया आदि कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। कई बार थोड़ी सी लापरवाही के कारण जान से भी हाथ धोना पड़ता है।