उदयपुर(लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल में कुदरत ने भारी कहर बरपाया है जिसकी क्षतिपूर्ति करना सरकार के लिए काफी मुश्किल है। मिली जानकारी के अनुसार लाहौल घाटी में बारिश से 25 जून से अब तक लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग को करीब 32.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को 20 करोड़ के आसपास तो जलशक्ति विभाग को 12.50 करोड़ का नुकसान आंका गया है। जलशक्ति विभाग की 62 के करीब वाटर सप्लाई स्कीमों को नुकसान हुआ और 48 सिंचाई योजनाओं ने जवाब दे दिया है।
यही हाल लोक निर्माण विभाग का भी है। विभाग के अधीन कई पुलों और सड़कों का नुकसान हुआ है। घाटी में भारी बारिश से सरकार का भारी नुकसान हुआ है। वहीं बरसात का मौसम यहां के किसानों पर भी भारी पड़ रहा है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी में 60 फीसदी फूलगोभी और 30 फीसदी मटर की फसल खेतों में है। सड़कें बाधित होने से तैयार फसलों को खेतों से बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि एक सप्ताह में अगर सड़क की दशा नहीं सुधरी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान बीज की कीमत भी नहीं निकाल पाएंगे। इन्हीं फसलों के सहारे किसान अपने परिवार के भरण पोषण के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाते हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन राणा ने कहा कि विभाग को 25 जून से अब तक 20 करोड़ के करीब और जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अजय गुप्ता ने भी दो माह से अधिक समय में विभाग को 12.50 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही है।
विधायक लाहौल-स्पीति अनुराधा राणा ने कहा कि लाहौल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने विभिन्न विभागों के साथ किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। वह सरकार के समक्ष हर समस्या रखेंगी। सड़क जल्द बहाली को लेकर लगातार बीआरओ के अधिकारियों के संपर्क में हैं।