उपायुक्त से मिलकर जताई आपत्ति, बोले - धार्मिक भावनाएं हो रहीं आहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। धार्मिक नगरी मणिकर्ण के प्राकृतिक गर्म जल स्रोतों का पानी अन्य स्थान पर ले जाने के विरोध में ग्रामीण उतर गए हैं। ग्रामीणों ने वीरवार को उपायुक्त तोरुल एस रवीश से मिलकर आपत्ति जताई।
इस दौरान ग्रामीणों ने साफ कहा कि मणिकर्ण के पवित्र जल स्रोतों को अन्य स्थान पर ले जाने की योजना से हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। यह योजना स्थानीय निवासियों की आजीविका, पर्यटन और संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी। ग्रामीणों ने उपायुक्त को एक मांग भी प्रेषित किया।
विशाल ठाकुर, हरीश और जय किशन आदि ने कहा कि मणिकर्ण का गर्म पानी श्रद्धालुओं के लिए पवित्र और आस्था का प्रतीक है। यहां के ग्रामीणों को पहले ही गर्म पानी की कमी का सामना पड़ रहा है। स्थानीय लोग सार्वजनिक स्नान स्थलों का उपयोग करने को मजबूर हैं। जल को अन्य स्थान पर ले जाने से यह संकट और बढ़ेगा। आपदा के बाद हुई क्षति की भरपाई के लिए सरकार ने योजना तो नहीं बनाई, लेकिन गर्म पानी को अन्य जगह ले जाने की योजना बनाई जा रही है। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में देवी-देवता भी शाही स्नान के लिए आते हैं। गर्म पानी को अन्य स्थान पर ले जाने से इस स्थान की महत्व पर भी असर पड़ेगा। इसलिए इस योजना को निरस्त किया जाए। मणिकर्ण में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उचित घाट का निर्माण किया जाए। उपायुक्त ने ग्रामीणों की बात सुनीं और उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।