सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। कोकसर गांव में कुलज देवी पोमोकुली की पारंपरिक पूजा-अर्चना एवं शुद्धिकरण की प्राचीन परंपरा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई गई। इस अवसर पर कोकसर की बंवाली पहाड़ी स्थित देवी पोमोकुली के स्थल पर कोकसर गोंपा के लामा ने विशेष पूजा-अर्चना करवाई। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाली इस धार्मिक परंपरा के तहत लामा ने शुभ मुहूर्त, तिथि और स्थान निर्धारित करने के बाद पूजा संपन्न करवाई।
करीब दो घंटे तक चली धार्मिक प्रक्रिया में ग्रामीणों ने जूनिपर (देवदार प्रजाति) की टहनियों की सहायता से दूध से देवी पोमोकुली की प्रतिमा का शुद्धिकरण किया। इस दौरान युवाओं और कन्याओं ने भी अनुष्ठान में भाग लिया। निर्धारित स्थान पर सां पूजा कर वातावरण की शुद्धि की गई तथा लामा के निर्देशानुसार ग्रामीणों ने घी के दीप जलाकर गांव की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कोकसर गोंपा कमेटी के प्रधान दोरजे और कोषाध्यक्ष गोंबो राम ने बताया कि देवी पोमोकुली के शुद्धिकरण अनुष्ठान के बाद 18 और 19 जुलाई को कोकसर गोंपा में पारंपरिक छेशु और कुतंग उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। संवाद