प्रोजेक्ट प्रबंधन की अनदेखी पर चौहकी में बोला हल्ला
प्रदर्शन में मणिकर्ण की अन्य पंचायतों से भी पहुंचे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। चौहकी में मलाणा पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से प्रभावितों की अनदेखी के विरोध में चौहकी, बलाधी और आसपास के गांवों के लोगों का प्रदर्शन जारी है। तीसरे दिन भी ग्रामीण प्रोजेक्ट के पावर हाउस के गेट के बाहर डटे रहे। उन्होंने प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब चौहकी गांव में चल रहा यह अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन का रूप ले सकता है। प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों से तीन दिन में बात करने की कोशिश तक नहीं की है। मणिकर्ण घाटी की अन्य पंचायतों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों की ओर से भी आक्रोश रैली निकालने की योजना बनाई जा रही है। महादेव युवक मंडल चौहकी के प्रधान भगत सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रभावित गांवों के लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि चौहकी में बाढ़ में बहे दो मंदिरों और फसलों का उन्हें मुआवजा दिया जाए। जिनके घर बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। जमीन पर जहां पत्थरों का पहाड़ बन गया है, उस भूमि को कृषि योग्य बनाया जाए। आने वाले समय में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए आरसीसी की दीवार लगाई जाए। एक बैली ब्रिज का निर्माण भी किया जाए। पेड़ों के मुआवजे के साथ आपदा में बहे स्कूल का निर्माण करने की मांग भी की गई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है लेकिन घाटी की अन्य पंचायतों के लोग धरने में शामिल होने के लिए संपर्क कर रहे हैं। ग्रामीणों का मांगें पूरी तक तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।