रविवार को भीषण अग्निकांड ने पूरे कोटला गांव के लोगों को बेघर कर दिया। सोमवार को गांव में जहां हर व्यक्ति की आंख में आंसू थे, वहीं गांव की फिजा में एक सन्नाटा छाया हुआ था। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि अब वे क्या करेंगे। बिना छत मासूम बच्चों के साथ कहां रहेंगे।
हालांकि, मौके पर आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह भी पहुंचे और उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। लेकिन, गुस्साए लोगों ने एक ही सवाल किया कि पहले गांव की याद क्यों नहीं आई? ग्रामीणों का कहना था कि अगर पानी की आपूर्ति सही होती और गांव तक सड़क बन गई होती तो शायद यह हाल न होता। ग्रामीण सवाल कर रहे थे कि बार-बार पंचायत में प्रस्ताव डालने के बावजूद गांव के लिए पानी की उचित आपूर्ति क्यों नहीं की गई?
लोगों की मानें तो गांव के लिए तीन दिन से पानी की आपूर्ति पूर्ण रूप से बंद थी। ग्रामीणों में पंचायत प्रधान टेक सिंह महासा, नोक सिंह और धन देव समेत अन्य का कहना है कि कई बार पंचायत से प्रस्ताव भी पास कर आधा इंच की पाइप की जगह पर एक इंच या इसके अधिक की पाइप लगाने की मांग की गई, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया है कि सड़क को चौड़ा करने के लिए जेसीबी लगाई गई है, जबकि आगे की सड़क के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। आईपीएच विभाग की कनिष्ठ अभियंता शिवानी गोस्वामी का कहना है कि पानी की आपूर्ति नियमित है। आग लगने के कारण लाइनें टूट गई थीं।