सैंज का कोटला गांव 24 घंटों से धू-धू कर जल रहा है। जहां-जहां आग शांत हो रही है, वहां लोग राख में कुछ बची वस्तुओं को तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राख के सिवा कुछ भी हाथ कुछ नहीं लग रहा।
हादसे में अस्सी घर जल कर राख हो गए हैं, जिससे पूरा गांव सहमा हुआ है। अग्निकांड में तीन सौ के करीब भेड़-बकरियों के जलने की भी बात कही जा रही है। जबकि, दर्जनों बैल और गायें भी आग में जिंदा जल गए हैं। प्रारंभिक जांच में नुकसान 26 करोड़ से अधिक का आंका गया है, जिसके बढ़ने की संभावना है। लोगों के मुताबिक आग पहले घासणी में लगी। इसके बाद हवा के तेज रुख से आग एक दम गांव में भड़क गई।
हालांकि, लोगों ने कुछ देर तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी के साथ भड़क गई कि लोगों के पास अपने सपनों के घरों को जलते देखने के सिवा और कोई चारा नहीं रह गया था। जिला परिषद सदस्य निर्मला और भूपेंद्र महंत का कहना है कि आग पहले घासणी में लगी थी, जिसके बाद तेज हवा के कारण आग विकराल होती गई। लोग राख के ढेर में अपनी यादों को तलाशने का नाकाम प्रयास कर रहे थे। खबर लिखे जाने तक गांव में आग शांत नहीं हो पाई थी।