आपदाओं से मुक्ति की भी प्रार्थना, कन्या पूजन के बाद डाली गई पूर्णाहुति
गोसेवा रक्षा दल ने करवाया रुद्राभिषेक महायज्ञ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सूखे जैसे हालात और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रही घाटी में बारिश के लिए आस्था का सहारा लिया गया है। शनिवार को मणिकर्ण में रुद्राभिषेक महायज्ञ का आयोजन कर देवी-देवताओं से वर्षा और आपदाओं से मुक्ति की प्रार्थना की गई।
वैदिक मंत्रोच्चारण और कन्या पूजन के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति डाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।महायज्ञ में भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। रुद्राभिषेक महायज्ञ का आयोजन गोसेवा रक्षक दल कुल्लू ने किया।
शनिवार को सुबह से दोपहर तक मंत्रों का जाप चलता रहा। वैदिक मंत्रों से श्रीरामचंद्र का मंदिर गूंज उठा। गोसेवा रक्षा दल के अध्यक्ष शेरा नेगी ने कहा कि 2023 से 2025 तक आपदा में कई लोगों की जान गई है। पशुओं की भी इसमें मौत हुई थी। आपदा में मरने वालों की आत्माओं की शांति और बारिश के लिए रुद्राभिषेक महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान देवी-देवताओं से बारिश के लिए प्रार्थना की गई है। उन्होंने कहा कि महायज्ञ को सफल बनाने के लिए गोरक्षा दल और जनमानस का सहयोग रहा। भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले साल जब नग्गर में जगती पूछ हुई थी तो देवी-देवताओं ने गोरक्षा का आह्वान किया था। देवताओं ने कहा था कि गोमाता को बेसहारा मत छोड़ो। हमें संकल्प लेकर जाना चाहिए कि हम गोमाता की रक्षा करेंगे। गोमाता में देवी-देवताओं का वास होता है जब गोमाता बचेगी तो हिंदू धर्म बचेगा।