कुल्लू के वैंची में किसानों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए
कुल्लू। नैनो यूरिया डीएपी और सागरिका खाद का उपयोग कर किसान-बागवान कम खर्च में उच्च गुणवत्ता पूर्ण फसलों की पैदावार कर सकते हैं। किसानों-बागवानों को यूरिया की 45 किलोग्राम की बोरी का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है।
इसकी जगह वे नैनो यूरिया डीएपी का प्रयोग कर सकते हैं। यह बात इफ्को के फील्ड अधिकारी रोहित गलोटिया ने कही। फाटी बैंची सहकारी सभा कुल्लू के कार्यालय में इफ्को ने शनिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इसमें किसानों-बागवानों को कब और कैसे खाद का उपयोग करना है, के बारे में बताया। कहा कि इफ्को ने नवीनतम उत्पाद बाजार में उतारे हैं, जिनकी कीमत पारंपरिक उत्पादों से बेहद कम है।
किसान-बागवान अब कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। कहा कि नवीनतम उत्पादों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका पानी में घुलनशील हैं।
नैनो यूरिया तरल की 500 मिलीलीटर की एक बोतल ही काफी है। यह पर्यावरण और गुणवत्ता के हिसाब से बेहतर है। इस दौरान फाटी बैंची सहकारी सभा के प्रधान धर्मपाल, सचिव विजय भारत, इफ्को से अजय आदि उपस्थित रहे। संवाद