लाहौल में कारदंग गांव के ऊपर पहाड़ी पर पौधारोपण करते ग्रामीण।-संवाद
दो दिन और मौसम खराब रहने के पूर्वानुमान से बागवानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बार-बार बदलते मौसम के मिजाज से नगदी फसलों नाशपाती, प्लम और सेब को नुकसान होने का खतरा बन गया है। मौसम खराब रहने से बागवानों को नुकसान की चिंता सता रही है।
बारिश से तो नुकसान का खतरा नहीं है, लेकिन कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से फसल चौपट हो रही है। अभी तक बागवानी विभाग सात करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन कर चुका है। जिले में अगले दो दिन तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बागवानों को नगदी फसलों सेब के साथ प्लम और नाशपाती की पैदावार पर असर पड़ने का डर सता रहा है।
बागवान मोहर सिंह, बुधराम, सूरत राम, वेदराम, निरत सिंह और मोहन लाल ने कहा कि जिले में मौसम की बेरुखी बागवानों पर भारी पड़ रही है। पहले समय पर बारिश न होने से फसल पर असर पड़ा और अब लगातार बारिश व ओलावृष्टि से प्लम, नाशपाती और सेब की फसल को नुकसान हो रहा है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो फसल की पैदावार प्रभावित होगी। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक उत्तम पराशर ने कहा कि विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। उन्होंने बागवानों को ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की सलाह से ही दवाओं का छिड़काव करने को कहा है।