सनातन धर्मसभा कुल्लू रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के विरोध में उतर आई है। सनातन धर्मसभा ने रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के निर्णय को गलत बताया है धर्मसभा ने मामले को लेकर मंगलवार को आकस्मिक बैठक की। बैठक में अधिग्रहण को लेकर रणनीति बनाई गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान कमल किशोर ने की। बैठक में मामले को लेकर गहन विचार विमर्श किया गया। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कुल्लू के माध्यम से सीएम वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेजा। बैठक में प्रस्ताव पारित कर सनातन धर्मसभा ने रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण प्रक्रिया को देव परंपरा के विरुद्ध बताया। सभा का तर्क है कि रघुनाथ मंदिर व्यक्तिगत मंदिर है। 1660 से समस्त देवी देवता इसे अधिष्ठाता देवता के रूप में मानते हैं। मंदिर का समस्त प्रबंध, पूजा पद्धति निर्धारित पारंपरिक रूप से कालांतर से की जा रही है। मंदिर में 46 उत्सव अयोध्या की रीति की भांति आज भी मनाए जाते हैं। सभा का कहना है कि मंदिर कुल्लू की जनता और देवी-देवता की धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसकी व्यवस्था में सरकार और प्रशासन का हस्तक्षेप सहन नहीं किया जाएगा। इसके परिणाम गंभीर होंगे और इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। बैठक में सुरेश उपाध्याय, कमल किशोर, राजन सलहूरिया, अशोक, सतीश कुमार, रविंद्र उपाध्याय, पृथ्वी राज, ऋषि राज, इकादशी दास महंत, तेज किरण शर्मा, संतोष कुमार, आदर्श वीर, कुबेर सिंह, कमल कांत शर्मा, अंशुल पराशर, यशवीर शर्मा, विजय कुमार शर्मा, मोती लाल, तेजिंद्र उपाध्याय, राकेश कुमार, संजीव वर्मा, ज्ञान ठाकुर, सतपाल शर्मा, विकास सूद, चंदन शर्मा, गगन शर्मा, गोपाल सोनी, विजय कुमार, दिनेश सूद, विशाल कुमार, प्रवीण कुमार शर्मा, अनिल शर्मा, जनक राज, राजेंद्र शर्मा, देवी सिंह राणा, राज कुमार, विजय कुमार, आलम चंद, हिमांशु शर्मा, राजेंद्र कुमार, प्रितपाल सिंह, मदन लाल, कमलेश ठाकुर, सतीश, आनंद प्रकाश, पुरूषोत्तम सूद, रोहिणी कुमार, विवेक सूद, परस राम व अन्य मौजूद रहे।