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Kullu News: स्क्रब टायफस के मरीजों को नहीं खलेगी दवा की कमी

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कुल्लू में स्क्रब टायफस का मामला नहीं, विभाग अलर्ट
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स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में उपलब्ध रहेंगी दवाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में स्क्रब टायफस का अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, आनी, बंजार और निरमंड में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दवाई उपलब्ध रहेगी। मरीज के स्क्रब टायफस पॉजिटिव आने पर उसे इलाज के लिए दिक्कत नहीं होगी। गौरतलब है कि स्क्रब टायफस रोग से निपटने के लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक बरसात के मौसम में जलजनित रोगों में इजाफा होता है। स्क्रब टायफस भी बरसात में फैलने वाली एक बीमारी ही है। हालांकि, इससे बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बरसात की शुरुआत में ही बुखार के मरीजों को डॉक्सीसाइक्लीन दवाई देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. एनआर पवार ने कहा कि जिले में अभी बरसात शुरू नहीं हुई है। इसके बावजूद विभाग सतर्क है और बुखार के हर मरीज को डॉक्सीसाइक्लीन दवाई उपलब्ध रहेगी।
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स्क्रब टायफस के कारण
स्क्रब टायफस बरसात के दिनों में फैलने वाली बीमारी हैै। यह खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानी संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों से पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, जिससे स्क्रब टायफस बुखार होता है।
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स्क्रब टायफस के लक्षण और बचाव
स्क्रब टायफस के लक्षणों में व्यक्ति को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर का थकना, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना स्क्रब टायफस के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में बरसात के दिनों में स्क्रब टायफस से बचाव के लिए घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें। शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ कपड़े पहनें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। खेतों में काम करते समय अपने हाथों और पैरों को अच्छे से ढककर रखें।
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