वायरल से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी, 30 बिस्तर वाले वार्ड में भर्ती हैं 50 बच्चे
तीमारदार बोले- ऐसे तो और बीमार होंगे बच्चे, अस्पताल प्रबंधन लगाए अतिरिक्त बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। वायरल बुखार ने क्षेत्रीय अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। 30 बेड की क्षमता वाले वार्ड में इस समय 50 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हो रहा है।
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ सिर्फ एक ही है। उन्हें ओपीडी और वार्ड दोनों संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
एक हफ्ते से अस्पताल में वायरल की चपेट में आने वाले बच्चे काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि वार्ड में क्षमता से अधिक बीमार बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। भैया दूज और उसके अगले दिन बच्चों की डॉक्टर छुट्टी पर थीं। इस कारण ज्यादा बच्चों को दाखिल नहीं किया गया। बावजूद इसके वार्ड में क्षमता से अधिक बच्चे भर्ती करने पड़े हैं।
इंडोर वार्ड में बच्चों के लिए 30 बेड की व्यवस्था की गई है। इन दिनों बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण एक बेड पर दो-दो बच्चों का उपचार चल रहा है। इन दिनों इस वार्ड में 50 से भी ज्यादा बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। इस कारण तीमारदार भी परेशान हो रहे हैं। तीमारदार दिनेश कुमार, रेशमा और बिमला ने कहा कि एक बेड पर दो-दो मरीज होने से बच्चे और ज्यादा बीमार होंगे। अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी चाहिए। बाल रोग चिकित्सक के खाली पद को भी तुरंत भरा जाना चाहिए।
अस्पताल में तैनात हैं एक ही विशेषज्ञ
अस्पताल में एक ही बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। इस कारण बच्चों के उपचार में परेशानी आ रही है। एक डॉक्टर ओपीडी संभाले या वार्ड में दाखिल बच्चों का उपचार करे, यह उनके लिए भी चुनौती बना हुआ है। इससे पहले दो डॉक्टर अस्पताल में तैनात थे लेकिन एक डॉक्टर के जाने के बाद अब महिला डॉक्टर ही सेवाएं दे रही हैं। डॉक्टर के छुट्टी या कोर्ट एविडेंस पर जाने की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बच्चों के इंडोर वार्ड में 30 बेड की क्षमता है लेकिन इन दिनों ज्यादा बच्चों के आने से कुछ बेड पर दो-दो बच्चों का उपचार करना पड़ रहा है। - डॉ. तारा चंद, चिकित्सा अधिक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू