ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिभी वैली टूरिज्म एसोसिएशन ने की कार्रवाई
जिभी क्षेत्र में देर रात तक डीजी बजने से ग्रामीण हो रहे थे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिभी घाटी में क्रिसमस पर सैलानियों की धूम रही लेकिन देर रात को जोरदार म्यूजिक ने ग्रामीणों को परेशान कर दिया। शिकायत के बाद जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन ने दोनों कैफे संचालकों को कार्यालय में तलब किया।
संचालकों ने गलती स्वीकार की और भविष्य में नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।
पर्यटन क्षेत्र में तेजी से उभर रही जिभी घाटी में क्रिसमस पर हजारों सैलानी पहुंचे। स्थानीय पुलिस, पंचायत और जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन ने कुछ नियम बनाए हैं। दो कैफे में देर रात को जोर-जोर से म्यूजिक बजने से आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी हुई। इसकी शिकायत एसोसिएशन से की गई। इसके बाद दोनों कैफे संचालकों को जेवीटीडीए के कार्यालय बुलाया गया। दोनों ने गलती स्वीकार की और भविष्य में इसका ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्हें नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी। एसोसिएशन के महासचिव ललित कुमार ने कहा कि बंजार क्षेत्र को शांति, सादगी और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता रहा है। पर्यटन के नाम पर यह कहीं अव्यवस्था और असंवेदनशील व्यवहार का केंद्र न बन जाए। कारोबारियों से अपील की है कि म्यूजिक बजाने मेंं मनाही नहीं है लेकिन संगीत इतना हो कि वह कमरे से बाहर न जाए और लोगों को परेशानी न हो।
ललित ने कहा कि जिभी क्षेत्र में इन दिनों लो वोल्टेज की समस्या चुनौती बनकर उभरी है। इसका प्रभाव आम जनजीवन के साथ पर्यटन गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने होमस्टे, गेस्ट हाउस एवं कैंप संचालकों से अपील की है कि वे सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर पीक ऑवर्स के दौरान सजावटी लाइटों और गैर आवश्यक विद्युत उपकरणों का उपयोग अस्थायी रूप से बंद रखें।