उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। पांगी घाटी को हर मौसम में देश से जोड़ने के लिए पंगवाल एकता मंच पांगी ने केंद्र सरकार से टनल की मांग की है। मंच ने सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक को पत्र भेजा है। मंच ने एसकेटीटी सड़क पर उरु ढांक के पास टनल की मांग की है।
संसारी, किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) सड़क का करीब 950 मीटर का हिस्सा सबसे खतरनाक माना जाता है। यहां पर एक तरफ गहरी खाई और दूसरी तरफ पहाड़ी से लटकती चट्टानें हैं। इस सड़क का विस्तारीकरण हो रहा है और बीआरओ की 94 आरसीसी उदयपुर इस हिस्से का निर्माण पूरा नहीं कर पाई है।
यहां पर पूरा पहाड़ खिसक सकता है और सड़क हमेशा के लिए बंद हो सकती है। मंच के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि अगर यह हिस्सा बंद हुआ तो पूरी पांगी घाटी कट जाएगी। यह घाटी का जम्मू-कश्मीर से जुड़ने वाला एकमात्र मार्ग है। मंच ने महानिदेशक से मांग की है कि स्थानीय जनता, यात्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए इस हिस्से में एक छोटी टनल बनाई जाए।
कहा कि पहले भी बीआरओ के उदयपुर स्थित ओसी और मनाली स्थित 38 बीआरटीएफ कमांडर और दीपक प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर से भी अनुरोध किया गया है। पत्र की कॉफी मंच ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव व दीपक प्रोजेक्ट मनाली के चीफ इंजीनियर को भी भेजी है। उपाध्यक्ष भगत बरोत्रा, महासचिव अजीत राणा ने कहा कि सुरंग बनने से बरसात और सर्दियों में भी घाटी की कनेक्टिविटी बनी रहेगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। संवाद