सरकारी के साथ निजी ट्रैवलर संचालकों को भी जारी किए जाएंगे रूट परमिट
निदेशालय भेजी रूटों की सूची, इलेक्ट्रिक वाहनों को दी जाएगी प्राथमिकता
गौरीशंकर
कुल्लू। जिले के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर सरकार ट्रैवलर दौड़ाएगी। जिन क्षेत्रों में बसें नहीं जा रही हैं और यात्री कम होते हैं, वहां सरकार ने ट्रेवलर बसें चलाने की योजना बनाई है। इसमें सरकारी ट्रैवलर के साथ निजी ट्रैवलर संचालकों को भी रूट परमिट जारी किए जाएंगे।
लिहाजा, जिले के ग्रामीण रूटों पर अब 18 सीटर ट्रैवलर लोगों को परिवहन सेवाएं देते नजर आएंगे। इसके लिए निजी ऑपरेटरों को रूट देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिले में अब तक 22 रूट चिह्नित किए गए हैं। इनकी सूची स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद निजी ऑपरेटरों को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण रूट परमिट जारी करेगा। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो इस योजना के तहत जिले में अधिकतर ट्रैवलर ग्रामीण क्षेत्रों और नए रूटों पर चलेंगे। कुछ बसों को उन रूटों पर भी चलाया जाएगा, जहां निजी बसें सेवाएं नहीं दे रही हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को दी जाएगी प्राथमिकता
अधिकारियों की मानें तो इन ट्रैवलर में इलेक्टि्रक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रीन हिमाचल के मकसद को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बहरहाल, जिले के 22 ऐसे रूटों को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने सूचीबद्ध कर निदेशालय भेज दिया है। इसके अलावा अगले चरण में और ऐसे रूटों को चिह्नित करने का कार्य चल रहा है।
जिले में ऐसे दुर्गम रूट काफी
जिले में दुर्गम रूटों के साथ ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें भी हैं, जहां बस सेवाएं नहीं हैं। कई रूटों पर यात्री नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में इन रूटों पर 18 सीटर ट्रैवलर वाहन चलाए जाएंगे। इन्हें बस सेवा की तर्ज कर चलाने की अनुमति दी जाएगी। इससे निजी ट्रैवलर संचालकों के साथ इसमें चालक-परिचालक के रूप में भी रोजगार मिलेगा।
कुल्लू के 22 ऐसे रूटों की पहचान की है, जहां 18 सीटर ट्रैवलर चलाए जा सकते हैं। इसकी सूची निदेशालय भेजी है। स्वीकृति मिलने के बाद ट्रैवलर संचालकों को रूट परमिट जारी किए जाएंगे। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को फायदा पहुंचेगा। - राजेश भंडारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कुल्लू