जिले में यातायात व्यवस्था सुधारना जिला पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सोमवार को भी पूरे कुल्लू शहर, गांधी नगर, बस अड्डा सहित अन्य क्षेत्रों में घंटों जाम लगा रहा। हालत यह थी कि लेफ्ट बैंक में हुए सड़क हादसे के घायलों को लाने के लिए रोगी वाहन भी जाम में फंस गए। इसकी कुल्लू पुलिस को कोई खबर नहीं थी।
पुलिस की ओर से जाम ने निपटने के लिए मात्र दो जवानों को मोटरसाइकिल पर दौड़ाया गया, लेकिन सवाल यह है कि औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भेजे गए ये जवान क्या करते? सोमवार को सुबह करीब 11 बजे के कुल्लू शहर में जाम लगने का सिलसिला शुरू हुआ, जो घंटों तक लगा रहा। ऐसा नहीं था कि पुलिस को इसकी खबर नहीं थी। एसपी दफ्तर के बाहर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए प्रयास नहीं किए। जाम से लोगों को भारी परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। वाहन चालकों और आम लोगों ने अपने स्तर पर किसी तरह जाम से निजात पाई।
पुलिस की ओर से तैनात किए गए दो जवान भी कई बार मौके पर नजर आए। लेकिन ये दो जवान भारी जाम से लोगों को राहत दिलाने में नाकाम साबित हुए। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि पुलिस के मुखिया को प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुल्लू में विशेष रूप से यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए भेजा है, लेकिन ऐसा कुछ होता नजर आ नहीं रहा है। लोगों प्रेम सिंह, राजेंद्र कुमार, नरेश ठाकुर, कांता शर्मा, अरुण कुमार, महेश, सतेंद्र कुमार, अमित गुलेरिया, देविंद्र कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में जाम लगना रोज की बात हो गई है। इन लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस को कड़े आदेश दिए जाएं, जिससे आम लोगों को परेशानियों से दो-चार न होना पड़े। एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी का कहना है कि धनतेरस के कारण कुछ परेशानी आई लेकिन पुलिस यातायात व्यवस्था सुधारने में लगी है।