सैंज घाटी के सीऊड-दरमेहड़ा मार्ग पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है।-संवाद
- फोटो : Kullu
कुल्लू। जिले में सोमवार रात हुई बारिश से मंगलवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें और पैदल रास्ते बंद हो गए हैं। जिले में निरमंड खंड में 15, कुल्लू में 2, मनाली में 2 और बंजार खंड में 6 सड़कें बंद रहीं।
पार्वती घाटी में मणिकर्ण से बरशैणी को जोड़ने वाला मार्ग भी करीब दो घंटे तक बंद रहा। घटीगढ़ में नाले का जलस्तर बढ़ने पानी मणिकर्ण-बरशैणी सड़क पर आ गया। बाढ़ की तरह सड़क पर पानी आने से लोगों में रात को अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर आवाजाही करने वाले वाहनों की आवाजाही भी रुकी रही। जिला के विभिन्न इलाकों में हो रही भारी बारिश से ब्यास, चंद्रानदी समेत घाटी के नदी-नाले उफान पर हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 13 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 10 और 11 अगस्त को येलो अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने पर्यटकों और लोगों से नदी के किनारे और संवेदनशील इलाकों में न जाने की चेतावनी दी है। सोमवार रात हुई बारिश से हाईवे-305 के साथ जिला में 25 सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा है। इसमें अधिकतर सड़कें पहले से ही अवरुद्ध हैं। कई रूटों पर निगम की बसें गंतव्य तक नहीं जा पा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के बाद एचआरटीसी ने भी भूस्खलन वाले संवेदनशील रूटों में बसों को सुरक्षित जगहों में ले जाने को कहा है।
सड़कों के बंद होने से लोगों को भी मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। बागवानों को पीठ पर सेब के पेटियों को उठाकर मुख्य सड़कों तक पहुंचाने को मजबूर हैं। प्रशासन ने सभी उपमंडलाधिकारियों के अलावा पंचायत प्रधानों और पटवारियों को बारिश को खतरे को देखते हुए अपने क्षेत्रों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि लोग नदी नाले से दूर रहें। नदी किनारे बसें प्रवासी लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने को कहा है।