वीकेंड में पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली में पहुंचे 4,400 से अधिक पर्यटक वाहन
सैलानियों से गुलजार हुईं वादियां, 40 फीसदी तक पहुंच गई होटलों में ऑक्यूपेंसी
अमी चंद भंडारी
खराहल (कुल्लू)। देश की राजधानी दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी प्रदूषण की मात्रा से बचने के लिए पर्यटक अब कुल्लू-मनाली का रुख कर रहे हैं। ऐसे में कुल्लू जिले के साथ सूबे के पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की आमद बढ़ गई है।
जिले के मनाली, सिस्सू, कोकसर, मणिकर्ण, तीर्थन और बंजार में पर्यटन कारोबार गति पकड़ने लगा है। होटलों की ऑक्यूपेंसी में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। अब कुल ऑक्यूपेंसी 40 प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में पर्यटक को अभी रोहतांग के साथ लाहौल में वादियों में बर्फ का दीदार करने के लिए इंतजार करना होगा। इस वीकेंड से अब सैलानियों का पर्यटन स्थलों पर जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। अब विंटर सीजन में हजारों कारोबारियों को कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जगी है। इस वीकेंड में जिले में करीब 4,400 पर्यटक वाहनों ने मनाली, मणिकर्ण, सैंज, तीर्थन और जिभी क्षेत्र में दस्तक दी है। अकेले मनाली में ही तीन दिन में करीब 2800 वाहन पहुंचे हैं। ये ग्रीन टैक्स बैरियर से लिए गए हैं। कसोल स्थित साडा से बैरियर में तीन दिन में 7,00 पर्यटक वाहन, तीर्थन, सैंज और जिभी में 800 वाहन आए हैं। इसके अलावा करीब 100 निजी वोल्वो बसें भी शामिल हैं। संवाद
बर्फबारी होने पर और बढ़ेगी तादाद
मनाली के होटल व्यवसायी एवं पूर्व होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर कहते हैं कि दिल्ली में इन दिनों बढ़ रहे प्रदूषण से लोगों को मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्वच्छ वातावरण और हवा लेने के लिए कुल्लू-मनाली सहित हिमाचल के पर्यटन में उत्तर भारत के लोग पहुंच रहे हैं। इसके अलाव देसी -विदेशी सैलानी भी कुल्लू-मनाली की वादियों में पहुंचने लगे हैं। मनाली में 40 फीसदी ऑक्यूपेंसी में हो गई है।