घाटी में मौजूद है प्राकृतिक सुंदरता से भरे पर्यटन स्थल बेशुमार
कुछ सड़कों की दयनीय स्थिति तो कुछ सड़क से दूर क्षेत्र होने से नहीं हो पा रहा पर्यटन विकसित
महेंद्र पालसरा
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी में पर्यटन स्थलों की भरमार है, लेकिन सुविधा न होने के कारण ये स्थल आज भी पर्यटकों की नजर से कोसों दूर हैं। घाटी में झरने, मैदान और बेहतरीन ढलान के साथ साथ ऐतिहासिक महत्व के मंदिर मौजूद है।
ये स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हो सकते हैं, लेकिन वर्षों से इन पर्यटन स्थलों को विकसित करने की भी घाटीवासियों की मांग है लेकिन कोई भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। क्षेत्र के लोगों की माने तो क्षेत्र को जाने वाली सड़क की हालत ही ठीक नहीं है। इस कारण पर्यटक घाटी में प्रवेश ही नहीं करना चाहता है। अगर इन सड़कों की हालत सुधारी जाए तो पर्यटक घाटी के इन अनछुए पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां की सुंदर वादियों से रूबरू हो सकते हैं। घाटी की शांघड, शैंशर और देहुरी क्षेत्र में ही दर्जनों पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो पर्यटन स्थल सड़क सुविधा से जुडे़ भी हैं, उन सड़कों की हालत ठीक नहीं है। अधिकतर ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां सड़क सुविधा नहीं है। सैकड़ों बीघा भूमि में फैले शांघड़ मैदान की बात करें तो यहां तक जाने वाली सड़क की दयनीय हालत बनी हुई है। दूसरी तरफ, शैंशर पंचायत क्षेत्र में ज्याह वाटर फॉल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यह सड़क सुविधा से दूर है। यहां शैंशर में मनु ऋषि का मंदिर, तलियारा में कोठी ऐतिहासिक महत्व के मौजूद है।
घाटी में अनेक स्थल ऐसे हैं जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हो सकते हैं। स्थानीय लोगों को पर्यटन कारोबार के रूप में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। इसके चलते सरकार को सैंज घाटी में भी पर्यटन स्थलों को विकसित करने काम करना चाहिए। - टेक चंद, सैंज
मनाली, मणिकर्ण और बंजार की तीर्थन घाटी की तर्ज पर सैंज घाटी में अनेकों स्थल हैं जो ऐतिहासिक, धार्मिक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। ऐसे में सरकार को घाटी के पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। - निमत राम शैंशर