सिस्सू में घूमने के लिए आए झारखंड के दो पर्यटक भी नहीं नाप पाए पानी की गहराई
एक का शव मिला, दूसरा अभी भी लापता, घाटी में रोजाना आ रहे हैं सैकड़ों पर्यटक
ठंडे पानी के बीच मस्ती पड़ रही जान पर भारी, एक साल में गई पांच पर्यटकों की जान
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के सिस्सू में रविवार को झारखंड के दो पर्यटक चंद्रा नदी में बह गए थे। दोनों यहां घूमने आए थे। एक का शव घटनास्थल से 100 मीटर दूर मिला है, जबकि दूसरा अभी लापता है। लाहौल के सिस्सू में हर दिन सैकड़ों सैलानी अटल टनल रोहतांग पार कर पहुंचते हैं।
पर्यटक अपनी जान की परवाह किए बगैर बेखौफ होकर नदी में उतर रहे हैं। कुल्लू की ब्यास और पार्वती नदी में तो कई हादसे पेश आ चुके हैं। अब लाहौल की चंद्रा नदी में हो रहे हादसों से भी पर्यटक सबक नहीं ले रहे हैं। नदी में उतरकर ठंडे पानी के बीच मस्ती उनकी जान पर भारी पड़ रही है। पिछले एक साल की बात करें तो पांच पर्यटकों की लाहौल की चंद्रा नदी में गिरने के बाद डूबकर हो चुकी है। से सभी पर्यटक थे। पर्यटकों के साथ लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर लाहौल-स्पीति प्रशासन और पर्यटन कारोबारी चिंतित हैं। खास बात यह है कि लाहौल-स्पीति पुलिस भी पर्यटकों को नदी-नालों के समीप न जाने के लिए बाकायदा लाउड स्पीकर से सतर्क करती है। पिछले दिनों भी पुलिस ने नदी के किनारे उतरे पर्यटकों को हटा दिया था। बावजूद इसके कई पर्यटक चंद्रा नदी में मस्ती करने के लिए उतर रहे हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्यटकों को नदी में उतरने से रोकने के लिए साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं।
कोकसर पंचायत प्रधान सचिन मिरूपा ने कहा कि प्रशासन कोकसर से सिस्सू तक टूरिस्ट पॉइंट पर सुरक्षा दीवार लगाए, जिससे भूमि का कटाव नहीं होगा और पर्यटक भी नहीं जाएंगे। दूसरी ओर, उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस स्थानीय संगठनों की मदद से लगातार काम रही है। बढ़ते हुए हादसों को देखते हुए वाहन चालकों को भी मुहिम में शामिल करेंगे।