अंतरराष्ट्रीय दशहरा पर्व के लिए ढालपुर मैदान में सजे मक्की रोटी और सरसों के साग के स्टाल में लोगों की खासी भीड़ उमड़ रही है। ढालपुर मैदान में डटे व्यापारियों के अलावा बाहर से आने वाले ग्राहक और पर्यटक भी यहां स्थानीय व्यंजनों का भरपूर आनंद ले रहे हैं। कुल्लू का लोकल सिड्डू यहां का मशहूर व्यंजन है।
वहीं, अब मक्की की रोटी सिड्डू के कारोबार पर भारी पड़ती जा रही है। लोगों को मक्की की रोटी के लिए कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार तो लोगों को दूसरे दिन मक्की की रोटी नसीब हो रही है। सागर ढाबा में महिलाएं सुबह से लेकर रात तक मक्की की रोटी बनाने में व्यस्त हैं। सागर ढाबा में करीब चार महिलाएं मक्की की रोटी बनाने में व्यस्त हैं। डिमांड इतनी है कि पूरी भी नहीं हो रही है।
ढाबा मालिक बिट्टू ने बताया कि वे पिछले 13 वर्षों से यह काम कर रहे हैं और आज मक्की की रोटी और साग पूरे मेलों में प्रसिद्ध हो गए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से आए व्यापारी भी मक्की की रोटी और साग के चटकारे लेना नहीं भूलते।