पतलीकूहल/मनाली। बरसात से कुल्लू-मनाली और तीर्थन घाटी का पर्यटन कारोबार पटरी से उतर गया है। सैलानियों की आमद न के बराबर है। सैलानियों की सुरक्षा को लेकर बरसात में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और जीप लाइन जैसे साहसिक खेलों पर दो माह का प्रतिबंध लगने से भी सैलानियों की आमद घटी है।
मनाली के माल रोड समेत सोलंगनाला, मणिकर्ण, जलोड़ी, सोझा और वशिष्ट समेत सभी पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा है। वहीं कुल्लू-मनाली के होटल सूने पड़ गए हैं। बड़े होटलों की ऑक्यूपेंसी रेट दो फीसदी से भी नीचे चला गया है। हालांकि पर्यटन स्थलों में 15 सितंबर को राफ्टिंग पैराग्लाइडिंग से प्रतिबंध हट जाएगा। लिहाजा सितंबर का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही कुल्लू, मनाली, मणिकर्ण और तीर्थन घाटी में सैलानियों की चहलकदमी बढ़ने शुरू हो जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव तक मनाली की वादियां पूरी तरह से सैलानियों से गुलजार होने की उम्मीद है। इस बार भी होटल कारोबारी इसी आस में हैं। इससे कारोबार के बढ़ने की उम्मीद है। उधर मनाली होटिलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर का कहना है बरसात में पर्यटन कारोबार काफी कम रहता है। इन दिनों मनाली में होटलों में सैलानी की संख्या न के बराबर रह गई है। उन्होंने 15 सितंबर के बाद पर्यटन के पटरी, पर लौटने की उम्मीद जताई है।