जिला के देवी-देवता वीरवार से एक माह के लिए स्वर्ग प्रवास पर जाएंगे। इस दौरान देवालयों में किसी भी प्रकार देव कारज नहीं हो सकेंगे। एक माह के स्वर्ग प्रवास के दौरान देवी-देवता शक्तियां अर्जित करेंगे। मकर संक्रांति पर देवी-देवता शक्तियां अर्जित कर वापस लौटेंगे। वहीं कुछ देवता फाल्गुन संक्रांति के दिन वापस लौटेंगे। इस दौरान जिला के अधिकतर देवालयों में कपाट बंद रहेंगे। जिला के अधिष्ठाता देवता बिजली महादेव मंदिर के भी वीरवार से तीन माह के लिए कपाट बंद हो जाएंगे। श्रद्धालु इस दौरान बिजली महादेव के दर्शन नहीं कर पाएंगे। हालांकि शिवरात्रि के दौरान तीन दिनों के लिए मंदिर के कपाटों को खोला जाएगा। इसके बाद कपाट फिर से बंद किए जाएंगे।
पौष माह में अधिकतर देव कार्य नहीं होते हैं। इस माह देवी देवता स्वर्ग प्रवास पर रहते हैं। इस संबंध में हारियान अमर चंद, राजू, त्रिलोक चंद, कामनाथ ठाकुर, कमली राम, बेलू राम और गिरधारी लाल ने कहा कि जिला के अधिकतर मंदिरों के कपाट पौष संक्रांति के दिन बंद हो जाएंगे। देवताओं के कपाट बंद होते ही देव कार्यों पर एक माह का विराम लग जाएगा। मकर संक्रांति के दिन जिला के अधिकतर देवी देवता स्वर्ग प्रवास से वापस लौट जाएंगे। इसके बाद देवता आगामी सालभर का भविष्य भी बताएंगे। वहीं इस संबंध में देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि वीरवार से मंदिर के तीन माह के लिए कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु महादेव के दर्शन मंदिर के अंदर जाकर नहीं कर पाएंगे। हालांकि शिवरात्रि के दौरान तीन दिनों के लिए कपाट खोले जाएंगे। वहीं जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने कहा कि लोगों में देव आस्था है। पौष माह में अधिकतर देव कार्य नहीं होते हैं।