कुल्लू। जिले में सेब सीजन चरम पर है। मंडियों में सेब की करीब 250 से 300 जीपें प्रतिदिन आ रही हैं। अब तक मंडियों में करीब आठ लाख सेब बॉक्स पहुंच चुके हैं। 20 सितंबर तक मंडियों में इसी तरह से खेप आएगी।
उसके बाद सेब की आमद कम होने के आसार हैं। छोटे पौधों वाले बगीचे अब खाली नजर आने लगे हैं। 15 अगस्त के बाद लगातार बारिश हो रही है। इससे बगीचों में सेब में रंग भी आ रहा है। अधिक बारिश के चलते सेब कहीं काला न पड़ जाए, इसलिए बागवान तुड़ान कर मंडियों में पहुंचा रहे हैं। भुंतर सब्जी मंडी में 50 से अधिक जीपों में सेब पहुंच रहा है। सब्जी मंडी बंदरोल में 100 से 150 जीपाें में सेब आ रहा है। पतलीकूहल सब्जी मंडी में 100 जीपों में सेब आ रहा है। सब्जी मंडी शाट में भी सेब आ रहा है। सेब के दामों में गिरावट भी दर्ज की जा रही है। मंडियों में रविवार को सेब 70 रुपये प्रतिकिलो तक बिका।
बागवान डोले राम, केहर सिंह और डेहरू राम ने कहा कि बंदरोल सब्जी मंडी सेब के लिए सबसे बड़ी मंडी बनकर उभरी है। यहां पर बागवानों को हर साल बेहतर दाम मिल रहे हैं। इस कारण अब बागवान आजादपुर मंडी के बजाय यहां सेब बेचने को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में बागवानों को सेब भेजने का फायदा यह होता है कि उन्हें पैसों का तुरंत भुगतान होता है। फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन सदर कुल्लू के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने कहा कि बागवान सेब को तैयार करके ही मंडी में बेचें, जिससे बेहतर दाम मिलेंगे।
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मंडी में रॉयल सेब रविवार को 70 रुपये प्रतिकिलो तक बिका। बंदरोल सब्जी मंडी में प्रतिदिन 100 से अधिक जीपों में सेब आ रहा है। बागवानों का अच्छी क्वालिटी का सेब बेहतर दामों में बिक रहा है।
-नारायण ठाकुर, अध्यक्ष, आढ़ती यूनियन, सब्जी मंडी बंदराेल