कुल्लू। जिला कुल्लू में आई फ्लू के मामलों में कमी आने लगी है। जिले में संक्रमण की रफ्तार थमी है, जो राहत की बात है। कुल्लू अस्पताल में पिछले एक माह में 1,924 मरीज नेत्र से संबंधित रोगों का उपचार करने पहुंचे हैं। इनमें 1,000 के आसपास मरीजों में आई फ्लू के लक्षण मिले, लेकिन बरसात थमते और मौसम खुलते ही संक्रमण के मामलों में कमी देखने को मिली है।
अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज ही आई फ्लू के आ रहे हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 80 के आसपास थी। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पिछले 15 से 20 दिनों में लगातार आईफ्लू के मामलों में तेजी देखने मिली है, लेकिन अब हाल कुछ हद तक सामान्य होते नजर आ रहे हैं। नेत्र और शिशु रोग विशेषज्ञ की माने तो इस बरसात आईफ्लू के मामले अधिक आए हैं।
जिला कुल्लू में पिछले दो सालों में आईफ्लू के मामले कम रहे हैं, लेकिन लोगों ने मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग बंद कर दिया है। इससे आईफ्लू तेजी से फैला है। शिशु और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजिंन और डॉ. ऋचा शर्मा ने कहा कि आईफ्लू के अधिक लक्षणों वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए स्पेशल वार्ड बनाया गया है।
अब इस वार्ड में एक भी मरीज उपचाराधीन नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए आंखों को बार-बार न छुएं और हाथों को नियमित तौर पर साफ करते रहें। संवाद