संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करवाने के लिए मंगलवार को विशाल जन आक्रोश आंदोलन हुआ। जिला मुख्यालय कुल्लू में आयोजित इस आंदोलन में हजारों की संख्या ने लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
अपने हक के लिए लोगों ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की। इस विशाल जन आंदोलन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। बता दें कि तीन मई से कुल्लू की जनता विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए सदर विधायक सुंदर सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन कर रही है। जनता ने सरकार को चिकित्सकों की नियुक्ति करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन इस समय अवधि के बीच एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की ज्वाइनिंग करवाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। ऐसे में कुल्लू की जनता ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
बता दें कि कुल्लू में पहली बार इतना बड़ा जन आक्रोश आंदोलन किसी पार्टी या संस्था के बैनर के बिना हुआ है। जनता अपने हक के लिए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रही है। गौर रहे कि कुल्लू अस्पताल से एक साथ आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है। एक नेत्र रोग सर्जन को ही उनकी जगह भेजा गया है। सदर विधायक सुंदर सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की समस्या का एकमात्र समाधान कुल्लू में मेडिकल कॉलेज खोलना है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसकी घोषणा भी की थी। मेडिकल कॉलेज बनने से कुल्लू में ही डॉक्टर तैयार होंगे और इसका फायदा जनता को मिलेगा। इस दौरान प्रेमलता ठाकुर, ममता नेगी, हौतम सौंखला, सरचंद, देवेंद्र नेगी, प्रेम गौतम आदि उपस्थित रहे।
जन आक्रोश आंदोलन को मिला समर्थन
जिला कुल्लू में जनता ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए जन आक्रोश आंदोलन किया गया। इस आंदोलन को कांग्रेस पार्टी, सीटू, नगर परिषद कुल्लू, व्यापार मंडल कुल्लू, व्यापार मंडल भुंतर समेत विभिन्न महिला व युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों का समर्थन मिला है।
रेडियोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञ भी नहीं
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पिछले पांच माह से रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। एकमात्र शिशु रोग विशेषज्ञ का भी यहां से तबादला किया गया है। अस्पताल में गायनी समेत कई ओपीडी में महज एक-एक ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी, इंडोर और आपात स्थिति में सेवाएं देने में असमर्थ हैं।