डोहाड़ में माता बूढ़ी नागिन के दर्शन कर आशीर्वाद लेते लोग। संवाद
कुल्लू। घाटी में देवी-देवताओं में सम्मान में बैसाख मेलों का आयोजन किया जा रहा है। रघुपुर घाटी के डोहाड़ में माता बूढ़ी नागिन बालू के सम्मान में दो दिवसीय ठिरशु मेला मनाया गया। इस दौरान माता बूढ़ी नागिन बालू का दो मई को डोहाड़ में ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। देव परंपरा निभाने के लिए रात्रि ठहराव भी यहीं हुआ और अगले दिन डोहाड़ स्कूल परिसर में माता का ढोल नगाड़ों के साथ आगमन हुआ। यहां सदियों से मनाए जा रहे ठिरशु मेले में परंपराओं का निर्वहन किया गया।
माता ने देवनृत्य किया और देवलुओं ने डाली डालकर फनौटी और करशैईगाड़ पंचायत से आए लोगों का मनोरंजन किया। माता के इस मेले में डोहाड़ के साथ बनाला, घुहाटन, लोट, बालू, गनोचा, पारला लोट, कांडीगाड़, छलाच व फनौटी के लोग शामिल हुए। देवलू गंगा राम, टेक सिंह, झगड़ सिंह, बेली राम ने कहा कि माता के सम्मान में डोहाड़ ठिरशु मेला गया। शाम को माता का रथ लोट गांव पहुंचा और सोमवार को अपने देवालय बालू पहुंची है। संवाद