उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। उपमंडल उदयपुर के सलग्रां गांव में कृषि सिंचाई सुविधा ठप होने से करीब 15 किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव के किसानों ने पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद उपायुक्त लाहौल-स्पीति को ज्ञापन सौंपकर आपातकालीन वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार कृषि भूमि की सिंचाई के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली पुरानी खार से टूरी कूहल जिसकी लंबाई लगभग 800 मीटर है, गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में समय रहते जलशक्ति विभाग और खंड विकास कार्यालय को अवगत करवाया तथा मरम्मत के लिए अनुरोध भी किया गया था। आज तक न तो कूहल की मरम्मत हुई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
वर्तमान में गांव के किसान इन दिनों गोभी और मटर की बुआई और रोपाई की तैयारी में जुटे हैं। इन फसलों के प्रारंभिक चरण में नियमित सिंचाई अत्यंत आवश्यक होती है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र जल उपलब्ध नहीं कराया गया तो फसल के बर्बाद होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश निवासी लघु एवं सीमांत किसान हैं, जिनकी आजीविका कृषि पर निर्भर है। ऐसे में सिंचाई सुविधा का अभाव सामाजिक और आर्थिक संकट को जन्म दे सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे आपातकालीन श्रेणी में लिया जाए। जलशक्ति विभाग, मंडल केलांग को निर्देश दिए जाएं कि अस्थायी रूप से पाइपलाइन या अन्य उपयुक्त माध्यम से तत्काल सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त कूहल की स्थायी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण के लिए तकनीकी सर्वेक्षण कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। ज्ञापन पर पुरम चंद केसरी सहित अन्य ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र राहत प्रदान करने की अपील की है। संवाद