लाहौल विकास खंड के पंचायत प्रधानों ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
कहा - गो पंजीकरण करने से प्रभावित हो रहे पंचायतों में चल रहे अन्य विकास के काम
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। विकास खंड लाहौल के अंतर्गत पंचायत प्रधानों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि गो पंजीकरण का कार्य पंचायतों को न दिया जाए। इससे पंचायत के विकास और अन्य कार्यों में व्यवधान पड़ेगा।
केलांग पंचायत प्रधान सोनम जंगपो, कोकसर के प्रधान सचिन मिरुपा और तांदी पंचायत प्रधान वीरेंद्र के नेतृत्व में घाटी के पंचायत प्रधानों ने एसडीएम केलांग के माध्यम से मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री को दो मसलों को लेकर ज्ञापन भेजा है। प्रधानों का कहना है कि पंचायतों को गो पंजीकरण एवं उससे संबंधित कार्य सौंपे गए हैं, जिससे पंचायतों के अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पहले ही पंचायतों के पास विभिन्न विभागों की योजनाएं, निर्माण कार्य, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन कल्याण से जुड़े कार्यक्रम को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी है। ऐसे में पशुओं का पंजीकरण, पशु पालकों का डाटा एकत्रित करना, फार्म भरना, सत्यापित करना आदि कार्य उनके लिए अतिरिक्त होंगे। इसे करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पंचायत प्रधानों ने सरकार से मांग की है कि पंचायतों के खातों में शेष बिना खर्च की गई धनराशि एवं उस पर अर्जित ब्याज को सरकार वापस न ले। कहा कि लाहौल क्षेत्र की कठिन भौगोलिक स्थितियां, सीमित निर्माण कार्य अवधि और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी के कारण कई योजनाएं समयबद्ध पूर्ण नहीं हो पाती हैं। इससे धनराशि खर्च नहीं हो पाती है। यह राशि और उस पर प्राप्त ब्याज पंचायतों के तात्कालिक एवं आवश्यक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होता है।