बलाधी गांव में तार टूटने से हवा में लटका झूला। सोशल मीडिया
मणिकर्ण घाटी में बलाधी गांव के लिए जाने का एकमात्र सहारा है झूला
पार्वती नदी की बाढ़ एक महीना पहले ही बहा ले गई है अस्थायी पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी में बलाधी गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव के लिए लगाए झूले का मुख्य तार टूट गया है। झूला हवा में लटक गया है। इस कारण गांव के लिए आवाजाही का रास्ता भी बंद हो गया है।
अब बलाधी गांव के लोगों को चौहकी से होकर जाना पड़ रहा है। यह रास्ता काफी लंबा पड़ता है। दूसरी ओर, पार्वती नदी को आर-पार करने के लिए ग्रामीणों की ओर से बनाई अस्थायी पुलिया एक महीना पहले बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। अब ग्रामीणों के पास न तो अस्थायी पुलिया है और न ही झूला। बरसात के बीच ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पार्वती परियोजना के पुलगा डैम से पानी छोड़ने के बाद अस्थायी पुलिया बह गई थी।
गौर रहे कि एक अगस्त 2024 को मलाणा में बादल फटने के बाद भारी तबाही मची थी। मलाणा-एक प्रोजेक्ट का डैम फट गया था। बलाधी में आठ मकान और एक प्राइमरी स्कूल बह गए थे। साथ ही लोगों की कृषि योग्य जमीन भी नष्ट हो गई थी। आपदा के एक साल बाद भी प्रभावित परिवारों के जख्म नहीं भरे हैं। स्थानीय निवासी नीटू ने कहा कि बलाधी के लगे झूले का तार टूट गया है। पुलिया पहले ही पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से बह चुकी है।
बरशैणी वार्ड की जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने कहा कि बलाधी में लगा झूला तार टूटने से हवा में लटक रहा है। इसमें आना-जाना मुश्किल है। प्रशासन इस पर जल्द संज्ञान ले और लोगों की समस्या का समाधान करे।