कुल्लू। धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण को जोड़ने वाली भुंतर-मणिकर्ण-बरशैणी सड़क एक बार फिर यातायात के लिए बंद पड़ गई है। हालांकि सोमवार को लोक निर्माण विभाग ने इसे छोटे वाहनों के लिए दस घंटे की मशक्कत के बाद बहाल कर दिया था। सोमवार रातभर हुई बारिश के चलते घाटी में छोटे-छोटे नाले भी उफान पर आ गए हैं। इससे सड़क कई स्थानों में क्षतिग्रस्त हो गई है और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से थम गई है। सड़क यातायात के लिए बंद होने के चलते घाटी से भुंतर की ओर आने वाले लोगों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है जबकि मार्ग में कुछ पैच पर छोटे वाहन चले। अधिकतर स्थानों पर कहीं मलबा और कहीं सड़क धंस गई है। कई जगह नाले में पानी और मलबा आने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण मार्ग को बहाल करने में काफी समय लग जाएगा। विभाग ने मशीनें तैनात कर बहाली का कार्य शुरू कर दिया है।
मार्ग बंद होने के कारण मणिकर्ण घाटी में अलग-अलग स्थानों पर 100 से अधिक वाहन फंस गए हैं जबकि घाटी में पहुंचे पर्यटकों ने पैदल भुंतर की तरफ निकलना उचित समझा। इस मार्ग में सबसे ज्यादा क्षति छानीखोड़ के पास हुई है। विभाग ने मौके पर मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनें तैनात कर दी हैं। इसके अलावा मणिकर्ण तक जगह-जगह सड़क को नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि बीते सोमवार को ही भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को दस घंटे के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए मणिकर्ण तक बहाल किया था लेकिन बड़े वाहनों के लिए सड़क पूरी तरह से नहीं खुल पाई थी। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश का कहना है कि मार्ग को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है और विभाग को इस संदर्भ में उचित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।