कुल्लू। जिले में एकीकृत आयुष अस्पताल का काम लंबा खींचता जा रहा है। अस्पताल का कार्य पांच महीने से लटका है। इसका मुख्य कारण जुलाई में ब्यास में आई बाढ़ है। बाढ़ के कारण नदी का रुख बदलने से निर्माणाधीन भवन के कुछ हिस्से समेत परिसर को नुकसान पहुंचा है।
ब्यास भी अस्पताल परिसर के बिल्कुल पास से बह रही है। ऐसे में जब तक नदी के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं लगाई जाती, तब तक निर्माण शुरू करना संभव नहीं है। इससे आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार करवाने वाले मरीजों का इंतजार बढ़ गया है। आयुष विभाग बजौरा में 50 बिस्तरों का एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण करवा रहा है।
इसका जिम्मा लोक निर्माण विभाग को दिया गया है और निर्माण पर करीब 15 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है। बाढ़ के कारण हुए नुकसान ने अस्पताल का काम बढ़ा दिया है। लोगों को अस्पताल के आरंभ होने का अभी इंतजार करना होगा। साल 2023 के अंत तक अस्पताल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विनय हाजरी ने कहा कि ब्यास में आई बाढ़ के कारण काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से को गिराकर अब निर्माण दूसरे छोर से किया जाना है, जिसकी विभागीय प्रक्रिया जारी है। संवाद
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निर्माणाधीन एकीकृत आयुष अस्पताल बजौरा के भवन और परिसर को बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है। इसकी मरम्मत और परिसर किनारे ब्यास की ओर सुरक्षा दीवार लगाने के लिए आपदा प्रबंधन के तहत अतिरिक्त बजट की सरकार से मांग की गई है।
-हरीश भारद्वाज, जिला आयुष अधिकारी
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बजौरा में 50 बेड के एकीकृत आयुष अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से उपचार होगा। साथ ही योग से निरोग रहना सिखाया जाएगा। मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों को आउटडोर के साथ इनडोर की चिकित्सा सुविधाएं भी मिलेंगी।
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