मनाली विंटर कार्निवाल के दौरान पारंपरिक परिधानों में सज कर कैटवॉक करती महिला मंडल की महिलाएं।-
मनाली (कुल्लू)। विंटर कार्निवल में पारंपरिक परिधानों के साथ रैंप पर उतरीं महिला मंडलों की सदस्यों ने पुरातन पहनावा ही नहीं, रहन सहन, खानपान का भी प्रदर्शन किया। मनुरंगशाला में फैशन शो प्रतियोगिता में कुल्लू की महिलाओं ने पुरातन संस्कृति की झलक दिखाई। ऐसे उत्पादों का भी प्रदर्शन किया जो आज के दौर में विलुप्त हो चुके हैं या फिर विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। रंग-बिरंगे विभिन्न डिजाइन के कुल्लवी पट्टू पहनकर महिलाओं ने कुल्लू की पुरातन संस्कृति का प्रदर्शन किया। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं ने कैटवाक कर यह बताया कि कुल्लू की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। कुल्लू की महिलाओं की राष्ट्रीय विंटर कार्निवल में अहम भूमिका रही है। विंटर कार्निवल के मंच पर जब महिलाएं कुल्लवी परिधान पटू्टू, सिर पर लाल, हरे, काले धाठू, गले में चंद्रहार, सोने का पातकू, कान में गोखड़ू, नाक में बालू और नथ, हाथों में बाजूबंद, पैरों में पाजेब पहनकर मनु रंगशाला के मंच पर उतरीं तो दर्शक देखते रह गए। महिलाओं का कैटवॉक देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
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निर्णायकों ने पूछे सवाल
महिला मंडलों के फैशन शो के अंत में निर्णायकों ने प्रतिभागी महिलाओं में से एक से सवाल भी पूछा। किसी से पहनावे के बारे में पूछा तो किसी से उनकी ओर से लाए गए पुरातन उत्पादों के बारे में पूछा।
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इन महिला मंडलों ने दी अपनी प्रस्तुति
फैशन शो में महिला मंडल मथियाना, गायत्री महिला मंडल जगतसुख, महिला मंडल चचोगा, महिला मंडल छियाल, मनु हिडिंबा महिला मंडल मनाली, भुवनेश्वरी महिला मंडल कैथ बेहड़ जगतसुख, मां दुर्गा महिला मंडल मनाली ने अपनी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा।
मनाली विंटर कार्निवाल के दौरान पारंपरिक परिधानों में सज कर कैटवॉक करती महिला मंडल की महिलाएं।-