कुल्लू। एकल अभियान के गतिविधि विभाग ने गंगा पूजन की परंपरा का निर्वहन किया। हनुमान मंदिर रामशिला में सोमवार को ब्यास का विधि-विधान से पूजन किया। यह गंगा पूजन कार्यक्रम जिले के 200 से अधिक गांवों में किया गया। खराहल संच का यह कार्यक्रम हनुमान मंदिर रामशिला में हुआ।
इसमें गंगा माता की आरती और विशेष पूजा प्राकृतिक जल स्रोतों के पास की गई। खराहल संच के तहत आने वाले संच प्रमुख, एकल विद्यालयों की आचार्यों ने रामशिला में ब्यास की पूजा कर गंगा पूजन की रस्म को पूरा किया। मंदिर के पुजारी बाबा सीता राम ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गंगा पूजन का विशेष महत्व है। अंचल मनाली की गतिविधि प्रमुख नीलम ने कहा कि गंगा पूजन कार्यक्रम को देव-विधि से पूर्ण किया गया है। इस कार्यक्रम में संच प्रमुखों और आचार्यों को गंगा माता के पूजन का महत्व समझाया गया। संवाद