लोगों की समस्या का समाधान करने मणिकर्ण घाटी के बलाधी गांव पहुंचे एसडीएम
अभिभावकों ने लिया है पुल बहने के बाद रज्जूमार्ग के बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय
टीम ने ग्रामीणों से भी मांगे सुझाव, मलाणा प्रोजेक्ट साइट में बांध का भी लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के बलाधी गांव के लोगों की समस्या को लेकर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम कुल्लू प्रशांत कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग के कानूनगो, पटवारी और अन्य अधिकारियों ने गांव पहुंचकर पार्वती नदी पर बनी अस्थायी पुलिया के साथ स्कूल का भी निरीक्षण किया।
टीम ने मलाणा प्रोजेक्ट की डैम साइट में बनाए गए बांध का भी निरीक्षण किया। प्रोजेक्ट प्रबंधन से सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखने को कहा। टीम ने बलाधी गांव के लोगों से बातचीत की। समस्या के समाधान को लेकर सुझाव भी मांगे।
बलाधी गांव को जोड़ने वाला पुल एक साल पहले मलाणा डैम से छोड़े गए पानी में बह गया था। इसके बाद रज्जू मार्ग लगाया गया है। इससे स्कूली बच्चों को आर-पार होना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई है। यह नदी में पानी बढ़ने से खतरे में है। लोगों ने उपायुक्त से मिलकर समस्या उठाई थी। बच्चों को स्कूल न भेजने का एलान भी किया था।
उपायुक्त ने प्रशासनिक अधिकारी मौके पर भेजने का आश्वासन दिया था। ऐसे में एसडीएम टीम के साथ शनिवार को मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की समस्या को लेकर उनसे बातचीत की और समस्या हल करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों की मानें तो मलाणा डैम से पानी छोड़ने से उनके गांव के 10 मकान बह गए थे। जमीन भी इसकी चपेट में आ गई थी। गांव का स्कूल भी बह गया था। इस कारण अब स्कूल वन विभाग के हट में चल रहा है। छठी से आगे की शिक्षा के लिए बच्चों को नदी पार कर जरी स्कूल जाना पड़ रहा है। अब बरसात आने से पुलिया के बहने का खतरा है। ऐसे में उन्होंने बच्चों को स्कूल न भेजने का निर्णय लेना पड़ा है।
बलाधी गांव को जोड़ने वाले पुल के साथ स्कूल और क्षेत्र का निरीक्षण किया। बांध स्थल का भी जायजा लिया है। परियोजना प्रबंधन को सुरक्षा प्रबंधों को ध्यान में रखकर काम करने को कहा है। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए रास्ता निकाला जा रहा है।
- निशांत कुमार, उपमंडल अधिकारी कुल्लू