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Kullu News: अव्यवस्था ने ले ली बेटे की जान... पानी छोड़ने की सूचना दे देते तो आज जिंदा होता लाडला

Sat, 24 May 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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म​​णिकर्ण घाटी के पार्वती नदी में डैम से पानी छोड़ने के कारण बहे पर्यटक के परिजन कुल्लू के क्षे
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मृतक प्रशांत चौरसिया की मां शकुंतला बोलीं - जिम्मेदार लोगों पर ऐसी कार्रवाई करें जो सबक बने
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बांध से बिना सूचना पानी छोड़ने से नदी में बहे प्रशांत का शव लेने कुल्लू पहुंचा है परिवार

गौरीशंकर
कुल्लू। लापरवाह बांध प्रबंधन ने मेरे घर का चिराग बुझा दिया, बेटे की मौत के लिए यहां की अव्यवस्था जिम्मेदार है।अगर पानी छोड़ने से पहले बांध प्रबंधन ने सूचना दे दी होती तो आज मेरा लाडला जिंदा होता।
बांध प्रबंधन पर ऐसी कार्रवाई करें जो सबक बने और भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो। जिनकी वजह से बेटे की जान गई है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई भी कम है। यह बात मृतक प्रशांत चौरसिया की मां शकुंतला ने कही। वह अपने बड़े बेटे अभिषेक, बेटी ज्योत्सना और दामाद अरविंद के साथ प्रशांत का शव लेने के लिए कुल्लू पहुंची हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से वे शुक्रवार शाम को कुल्लू पहुंचे थे। शनिवार को प्रशांत के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
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फोन पर कहा था... अच्छा है यहां का मौसम, अभी घर नहीं आऊंगा
शकुंंतला ने बताया कि आखिरी बार प्रशांत ने बुधवार शाम को फोन किया था। कहा था कि वह मनाली घूमने के बाद मणिकर्ण जाएगा। इस दौरान बेटे ने कहा था कि यहां का मौसम अच्छा है और अभी वापस नहीं आऊंगा.....मुझे क्या पता था अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा। वीरवार शाम को पुलिस ने घर आकर सूचना दी कि उनके बेटे के साथ हादसा हुआ है।

पहाड़ में घूमने का था शौक, गर्मी सहन नहीं कर पाता था बेटा
कहा- छिन गया जिगर का टुकड़ा, पता होता तो भेजती ही नहीं
शकुंतला ने कहा कि बेटे की मौत की खबर सुनते ही मेरी दुनिया थम सी गई...अब मेरे पास बेटे की यादें ही शेष हैं। बह कभी लौटकर नहीं आएगा। बेटे को पहाड़ में घूमने का शौक था। अकसर गर्मियों में पहाड़ी इलाकों में जाता था। गर्मी सहन नहीं कर पाता था। मुझे क्या पता कि हिमाचल आकर उसके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। वरना उसे आने से रोक देती। शकुंंतला के पति की पहले ही मौत हो चुकी है। अब 35 वर्षीय जवान बेटे की मौत ने जख्म और गहरे कर दिए हैं।

बहन बोली... पुलिस और प्रशासन गंभीरता से लें यह मामला
बहन ज्योत्सना ने कहा कि भाई की मौत बांध प्रबंधन की घोर लापरवाही से हुई है। इस मामले को प्रशासन और पुलिस को गंभीरता से लेना चाहिए। हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को ऐसी सजा दिलानी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी का भाई और बेटा इस तरह हादसे का शिकार न हो।
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तस्वीर दिखा बड़ा भाई बोला... यही बचा है, प्राण तो बांध प्रबंधन ने ले लिए
मृतक प्रशांत के बड़े भाई अभिषेक के फोन में भी सिर्फ तस्वीरें ही शेष रह गई हैं। अभिषेक ने अपने फोन में मृतक भाई की तस्वीर दिखाई और कहा कि अब सिर्फ यही बचा है.... इसके प्राण तो बांध प्रबंधन की लापरवाही ने ले लिए हैं। ऐसी लापरवाही के लिए जितनी भी कठोर सजा का प्रावधान है, उन्हें ऐसी सजा दी जानी चाहिए।
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