नहीं हो रहे रजिस्ट्री, इंतकाल और तकसीम के काम, प्रमाणपत्र के लिए भटक रहे युवा
लोगों पर भारी पड़ रही पटवारी और कानूनगो की अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पटवारी-कानूनगो की अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल लोगों पर भारी पड़ रही है। जिले के पटवार सर्किलों, तहसीलों और उपतहसीलों में एक सप्ताह से कामकाज ठप पड़ा है।
रजिस्ट्री, इंतकाल, तकसीम, डिमार्केशन, जमाबंदी अपडेशन सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शुक्रवार को पटवारी-कानूनगो ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। ऐसे में 106 पटवार सर्किलों में राजस्व संबंधित कोई भी कार्य नहीं हो पाए। इस कारण लोग परेशान रहे। युवाओं की परेशानी अधिक बढ़ी है। अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले बच्चों और युवाओं के प्रमाणपत्र नहीं बन पाए।
गौर रहे कि सरकार ने कुछ दिन पहले ही पटवारी-कानूनगो को राज्य कैडर में बदलने की अधिसूचना जारी की है। इस फैसले के मुताबिक पटवारी और कानून को अपने जिले से बाहर किसी भी दूसरे जिले में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। पटवारी-कानूनगो सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने को हिमाचली बोनोफाइड, आय, लैंड लेस, जाति प्रमाण पत्र, ओबीसी जैसे सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। मगर पटवारी-कानूनगो के हड़ताल पर जाने से यह सर्टिफिकेट नहीं मिल रहे हैं। - आरती
इन दिनों नीट, यूजी परीक्षा की औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं हैं। इसके लिए स्थायी निवासी तथा विभिन्न श्रेणी के प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए पटवारी की रिपोर्ट आवश्यक होती है। पटवारी न मिलने से आवेदन में परेशानी आ रही है। -ईशान
पटवारी-कानूनगो दफ्तरों में न मिलने से परेशानी आ रही है। लोगों को राजस्व संबंधी कामकाज निपटाने में समस्याएं आ रहीं हैं। पटवार सर्किलों के दफ्तरों में ताले लटके मिल रहे हैं। -राजपाल
पटवार-कानूनगो की अनिश्चितकालीन हड़ताल लोगों के लिए आफत बन गई है। पिछले पांच दिन से कामकाज नहीं हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी डिमार्केशन के कार्य में आ रही है। इसके कारण लोग अपने निजी कार्य नहीं कर पा रहे हैं। -आलम चंद