लाहौल की ऊंची चोटियों में गिरे हल्के फाहे। संवाद
बारिश न होने से जिले के किसानों-बागवानों के हाथ लगी मायूसी
लोग देवी-देवताओं से भी लगा रहे हैं बारिश होने की फरियाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। नौ दिन बाद मौसम ने फिर करवट बदली और आसमान में घने बादल छाए रहे लेकिन शनिवार को शाम तक बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी।
बारिश के लिए लोग देवी-देवताओं के प्रार्थना करते रहे। शनिवार को एक तरफ जहां आसमान में सुबह से लेकर बादल छाए रहे, वहीं घाटी में हल्की धुंध भी छाई रही। हालांकि इससे यातायात और हवाई उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों-बागवानों को मायूसी का सामना करना पड़ा। इससे पहले चार और पांच दिसंबर को भी मौसम ने करवट बदली थी लेकिन बारिश की उम्मीद लगाए लोगों को निराशा ही हाथ लगी थी।
कुल्लू से लाहौल तक खराब मौसम के बीच लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। ममता देवी, निक्का राम, सुनील कुमार, सीता देवी, जगदीश कुमाार, मीना देवी और सोहन लाल ने कहा कि किसानों-बागवानों को बारिश की सबसे अधिक जरूरत है। बारिश की वजह से रबी की 60 फीसदी बुआई रुकी है। पर्यटन कारोबारी गौतम ठाकुर, प्रीतम सिंह, अनिल कुमार, सोहन लाल और मनोहर लाल ने कहा कि विंटर सीजन के लिए बर्फबारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सैलानी भी बर्फबारी के इंतजार है। बहरहाल, मौसम में आए बदलाव से लोगों को बर्फबारी के साथ बारिश की आस जगी है।